Thursday, 1 January 2015

UPTET -2011-72825 आसमान से गिरे खजूर पर अटके ?

कुछ यही हालत हो रखी हैं UPTET 2011 की सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद। 

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से UPTET (2011 -72825) अभ्यर्थियों में उहापोह की स्थिति :

सुप्रीम कोर्ट TET 


एक तरफ कुछ अभ्यर्थियों के चेहरे  खिले हैं तो दूसरी तरफ ऐसे अभ्यर्थी है जिनके चेहरे पहले खिले चुके थे परन्तु अब मुरझा गए हैं। 
ऐसे मुरझाये चेहरों में शामिल है हमारे अति पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थी व सामान्य वर्ग की महिला अभ्यर्थी जो चौथी कौन्सेल्लिंग के कटऑफ का इंतज़ार कर रही थी। 
एक तरफ तो 83 से 90 के बीच अनुसूचित व जनजाति के अभ्यर्थीयो का मिलना मुस्किल था, पिछले तीन कॉउंसलिंग में उनकी सीटें खाली जा रही थी वही 97 अंक उनके लिए मुसीबत का सबब बन गयी,ऐसे में आधे से कम ST , SC को सीटें मिलेंगी।
दूसरी तरफ सामान्य वर्ग महिला को भी काफी नुक्सान हुआ, जहाँ  मेरिट लिस्ट 103 तक पहुँच चुकी थी वहीं 2 अंक से वो बाहर हो रही हैं, उन्हें कहा तो जाता है महिला आरक्षण है परन्तु वो भी 70 % अंक  में शामिल कर दी गयी हैं जोकि महिला आरक्षण के नाम पर ठगी जा रही हैं। 
मेरे विचारानुसार 72825 सीटों में इसके बाद मुस्किल से १-२ % सीटें ही बच सकती हैं। 
अतः सबसे ज्यादा नाइंसाफी का शिकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के सभी वर्ग और महिला सामान्य वर्ग के साथ हो रही हैं। ... 

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